उत्तर प्रदेशबस्ती

देशभर के 74 मामलों से जुड़ा धागा, खुली धोखाधड़ी की राष्ट्रीय चेन

उत्तर प्रदेश में बहुत गहरे तक जड़े जमाए हुए बड़े गैंग का पर्दाफाश।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बस्ती में 4.49 करोड़ की साइबर ठगी का गिरोह धराया:छह आरोपी गिरफ्तार, सरकारी योजनाओं का देते थे झांसा।।

30 नवंबर 25। उत्तर प्रदेश

।। क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशी साइबर फ्रॉड का हुआ बड़ा खुलासा। रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक संजीव त्यागी ने खोला पूरा नेक्सस।साइबर क्राइम की दुनिया में बस्ती पुलिस की जबरदस्त पेनिट्रेशन।।

⭐ इंटरस्टेट गैंग का मास्टरमाइंड बाहर बैठकर चलाता है पूरा ठगी तंत्र : DIG 

👉 महिलाओं के नाम पर चल रही सिम से ठगी का करते थे पूरा खेल : DIG 

👉 अभियुक्तों ने कबूला फॉर्नर के जरिए चलता था काला लेनदेन : संजीव त्यागी 

जांच में 38 बैंक खाते सामने पैसे की गोलमाल का बड़ा नेटवर्क उजागर। बैंककर्मी हरिओम दुबे ही देता था गैंग को अंदरूनी मदद। KYC फॉर्म से नंबर उठाकर बनते थे म्यूल खाते कमीशन का लालच का खेल।

बस्ती में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली, लालगंज थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मेवात कनेक्शन वाले इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सरकारी योजनाओं, इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग और मुफ्त बैंक खाता खोलने का लालच देकर ‘म्यूल खाते तैयार करता था।

कैसे करते थे साइबर अपराध

कोतवाली क्षेत्र में आरोपित लोगों ने निवेश और ट्रेडिंग में कमीशन का लालच देकर पीड़ितों के बैंक खातों, यूपीआई आईडी, क्यूआर स्कैनर और अन्य बैंकिंग जानकारी हासिल की। इसी के जरिए अन्य राज्यों में किए गए साइबर फ्रॉड के धन का लेनदेन किया जाता था।

लालगंज क्षेत्र में गिरोह ने एक्सिस बैंक में फ्री खाता खोलने का झांसा देकर कई खाताधारकों के नाम से बैंक खाते खुलवाए। इन खातों में पहले से सक्रिय फर्जी सिम कार्ड लिंक कराए जाते थे और सभी एटीएम कार्ड व चेक बुक गिरोह अपने पास रखता था। इसके बाद उन खातों का दुरुपयोग साइबर ठगी में किया जाता था।

सोनहा क्षेत्र में आरोपी गांव-गांव जाकर लोगों को सरकारी योजना में पैसा मिलने का लालच देते थे। गरीब और अशिक्षित लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके दस्तावेज अपने पास रख लिए जाते थे। बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया जाता था। शिकायत करने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची

लालगंज क्षेत्र से

– सुजित चौधरी, उम्र 25 वर्ष

– निपेन्द्र चौधरी, उम्र 23 वर्ष

– रामनाथ चौहान, उम्र 28 वर्ष

कोतवाली क्षेत्र से

– अश्विनी पाठक, उम्र 25 वर्ष

– निखिल त्रिपाठी, उम्र 22 वर्ष

– प्रशांत मिश्रा, उम्र 22 वर्ष

गिरफ्तारी के स्थान और समय

– कोतवाली क्षेत्र: रोडवेज बस्ती से तीन अभियुक्त, सुबह लगभग 9 बजे

– लालगंज क्षेत्र: मथौली छठ घाट पोखरे से तीन अभियुक्त, सुबह लगभग 8:10 बजे

बरामदगी

– इंडियन बैंक की एक पासबुक

– तीन मोबाइल फोन

– 650 रुपये नकद

पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और पूरे गिरोह का डिजिटल विश्लेषण कर साइबर फ्रॉड में शामिल सभी खातों और लिंक की पहचान की जा रही है।

डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लालगंज क्षेत्र के सुजीत चौधरी, निपेन्द्र चौधरी और रामनाथ चौहान शामिल हैं। इसके अलावा, कोतवाली और हरैया क्षेत्र से जुड़े मामलों में अश्विनी पाठक, निखिल त्रिपाठी और प्रशांत मिश्रा को भी पकड़ा गया है। इनमें से तीन आरोपियों को मथौली छठ पोखरे के पास सुबह 8:10 बजे और अन्य तीन को रोडवेज बस स्टैंड बस्ती से सुबह 9 बजे हिरासत में लिया गया।

कोतवाली, लालगंज और सोनहा थानों में दर्ज तीन गंभीर मामलों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। आरोपियों ने अब तक 38 बैंक खातों का दुरुपयोग किया है, जिन पर विभिन्न राज्यों से 74 से अधिक साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। कुल 4 करोड़ 49 लाख 61 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मेवात स्थित साइबर ऑपरेटर्स के साथ मिलकर इन खातों का इस्तेमाल करता था। मेवात से ठगी गई रकम बस्ती के इन ‘म्यूल खातों’ में प्राप्त की जाती थी, जिसके बाद इसे आगे ठिकाने लगाया जाता था।

आरोपियों का ठगी का तरीका सुनियोजित था। वे गांव-गांव घूमकर लोगों को सरकारी योजनाओं, मुफ्त बैंक खाते और ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देते थे। खाता खुलवाने के बाद वे एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने पास रख लेते थे। यदि कोई पीड़ित इसका विरोध करता था, तो उसे धमकी भी दी जाती थी।

इस संयुक्त कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र चौधरी, लालगंज प्रभारी संजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी कुलदीप त्रिपाठी और साइबर सेल प्रभारी शेषनाथ गौड़ की टीम शामिल थी। पुलिस ने आरोपियों से तीन मोबाइल, 650 रुपये नकद और एक बैंक पासबुक बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के मेवात कनेक्शन की तकनीकी जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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